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Thursday, April 4, 2019

कात्यायनी देवी मंदिर, छतरपुर, दिल्ली (Katyayani Devi Temple,Chhatarpur, Delhi)

 Written by → Ritesh Gupta 

हमारे शहर आगरा के नजदीक है देश की राजधानी दिल्ली, नजदीक इसलिए क्योकि अब छह लाइन का यमुना एक्सप्रेसवे आगरा से दिल्ली को जोड़ता है और कम समय में आगरा से दिल्ली पहुंचा जा सकता है । कई बार अपने कार्य से दिल्ली जाना हुआ है पर आज तक कभी अच्छे से दिल्ली और यहाँ को पर्यटक स्थलों को सही से नहीं घूम पाया है, कभी कुछ घूम लिया तो कभी कुछ । वैसे दिल्ली में कुतुबमीनार ,अक्षरधाम, इंडियागेट, लाल किला आदि का भ्रमण किया हुआ है । अब दिल्ली में पहले की अपेक्षा काफी अच्छे आधुनिक और एतिहासिक पर्यटक स्थल बन गये है और वो काफी प्रसिद्ध भी हो रहे है । एक बार एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए बस के द्वारा दिल्ली के छतरपुर जाना हुआ उसी दौरान पास में स्थित श्री कात्यायनी देवी मंदिर के दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।

श्री आध्य माँ कात्यायनी देवी मंदिर (Maa Katyayani Devi Temple,  Chhatarpur, Delhi)

आगरा से यमुना एक्सप्रेसवे सड़क मार्ग से बस माध्यम से हम लोगलोग शाम के चार बजे तक अपने निर्धारित स्थल तक पहुँच गये । जब यहाँ पर आये तब हमे इस मन्दिर का पता नहीं था पर सड़क से दिखती यहाँ की इमारते और मंदिर परिसर से कुछ जान पड़ा की कुछ तो यहाँ पर महत्वपूर्ण है, नेट (गूगल मैप) पर अपनी वर्तमान स्थति देखी तब पता लगा की पास में ही इसी परिसर में एक बड़ा मंदिर है जो माँ आदि शक्ति कात्यायनी देवी जी का है और ये सम्पूर्ण स्थल बाबा स्व० नागपाल जी के आश्रम का ही है। नाश्ता पानी के उपरांत ही हम लोग शाम के समय इस मंदिर में दर्शन के लिए पैदल ही चल दिए क्योकि ये मंदिर हमारे निर्धारित स्थल से महज दो सौ या तीन सौ मीटर दूर ही था । इस मंदिर में खाली पड़ा हुआ था और कुछ लोग ही दर्शन के लिए आये हुए थे, ये मंदिर बेहद ही खूबसूरत लगा और संगमरमर और लाल पत्थर की नक्काशी अलंकृतकिया गया था और सम्पूर्ण मंदिर परिसर बहुत ही साफ सुधरा था ।

दक्षिण दिल्ली के छतरपुर नाम की जगह पर एक बहुत ही खूबसूरत और भव्य मन्दिर स्थित है जो की एक शक्ति पीठ स्थल के रूप में जाना जाता है ये मंदिर बाबा जी के बड़े मन्दिर के नाम से भी जाना जाता है और दिल्ली सबसे बड़ो मंदिरों में छतरपुर मंदिर नाम एक बड़े मंदिर के रूप में आता है ये मंदिर श्री आध्या शक्ति माँ कत्यायनी देवी जी को समर्पित है जो की दुर्गा माँ का ही एक स्वरूप है । ये मंदिर गुड़गाँव-महरौली मार्ग के पास स्थित है और ये मंदिर दिल्ली के छतरपुर मेट्रो स्टेशन से पैदल दूरी पर (करीब आधा किमी ) ही स्थित है, दिल्ली की प्रसिद्ध कुतुबमीनार से इस जगह की दूरी केवल चार किमी है 
 
वैसे मेट्रो स्टेशन से आगे चलते ही मंदिर परिसर लगभग शुरू हो जाता है, यहाँ पर स्व० बाबा नागपाल जी का आश्रम, भवन और मन्दिर परिसर है, ये मंदिर और आश्रम परिसर काफी बड़े भूभाग में फैला हुआ है और इस परिसर में करीब बीस छोटे-बड़े मंदिर बने हुए है मेट्रो स्टेशन से चलते हुए अंत में बाए तरफ माँ कत्यायनी देवी जी का मुख्य मंदिर स्थित है संगमरमर और पत्थरों पर खूबसूरत कारीगरी करके इस मंदिर को बनाया गया है, इस मंदिर की स्थापना सन 1974 में बाबा स्व० नागपाल जी के द्वारा की गयी थी मुख्य भवन के अंतर्गत कई छोटे-छोटे मंदिर है जिसमे कई आराध्य देवी - देविताओ की प्रतिमाये स्थापित है इनमे मुख्यत हनुमान जी, श्री गणेश जी,  श्री राम दरबार, माँ कत्यायनी देवी जी की प्रतिमा और एक श्री शिव मंदिर है मंदिर भवन के अंदर ही कमरों में माँ का चांदी का सिंहासन, शयन कक्ष, डाइनिंग टेबिल चांदी के बर्तनों के साथ, पीतल का बड़ा शेर भी प्रदर्शित है । ये कहना अतिश्योक्ति नही होगी क्योकि वाकई में ये मंदिर बहुत ही भव्य और खूबसूरत है इस मंदिर में आकर मन को एक अति शांति प्रदान मिलती है, भगवान का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है ।  हम लोग नबम्बर 2016 में इस मंदिर में गये थे तब उस समय ये मंदिर भीड़ नहीं थी पर बाहर लोहे के जंगलो और पाइप से ही अंदाजा जो गया की त्यौहारो में, नवरात्रों में और विशेष दिनों में यहाँ पर अत्यधिक भीड़ होती होगी

मुख्य कत्यायनी देवी मंदिर के दर्शन उपरांत मंदिर परिसर से बाहर निकलकर हम लोग सड़क के दूसरी तरफ / दाई तरफ स्थित आश्रम मंदिर परिसर में भी गये, काफी अंदर एक भव्य मन्दिर स्थित है, जिसका नाम है "शिव गौरी नागेश्वर मंदिर" जिसके भूतल पर बाबा स्व० नागपाल जी का समाधि स्थल है जो उस समय फूलो से भव्य रूप से सजा हुआ था और प्रथम तल पर श्री शिव-गौरी का मंदिर है |  "शिव गौरी नागेश्वर मंदिर" के दर्शनों के उपरान्त बाहर आने पर एक बड़ा हाल नजर आया जो एक सत्संग / उपदेश हॉल है ।  इस बराबर से आगे निकलकर आये तो दूर से ही रौशनी में नहाई श्री हनुमान जी की विशाल प्रतिमा नजर आ रही थी जो उसी विशाल परिसर के अंदर ही स्थापित है । ये देखकर हम लोग उसी तरफ चल दिए तभी एक बड़ा सा भवन नजर जिस पर बहुत बड़ा फाटक लगा हुआ था और उस पर एक विशाल ताला लगा हुआ था,  इस बड़े दरबाजे और बड़े से ताले ने हमको बहुत आश्चर्यचकित किया, हम लोगो को  बाद में पता चला की इसके भवन के अंदर एक सोने का रथ रखा हुआ है और साल में एक बार भ्रमण के लिए निकाला जाता है और ये दरबाजे और ताला इसी रथ की सुरक्षा के लिए है ।

खैर टहलते हुए हनुमान जी की विशाल मूर्ति के समीप पहुंचे, काफी लोग उस समय श्री हनुमान जी के वन्दन के लिए पहुंचे हुए थे और साथ लाये प्रसाद को दूर से ही भगवान को भोग लगा रहे थे सच में ये मूर्ति बहुत ही विशाल थी और इसके ठीक नीचे आकर हनुमान जी का सम्पूर्ण स्वरूप को पूरी गर्दन उठाकर भी नहीं देखा जा सकता था इसके लिए तो दूर से ही दर्शन सम्पूर्ण करने होते है हम लोगो ने भी श्री हनुमान जी का वंदन किया और श्री चरणों में नतमस्तक हुए । हनुमान जी दर्शनों के उपरांत हम लोग वापिस अपने उसी विवाह स्थल की तरफ लौट गये जिसके लिए आगरा से आये थे

माँ कत्यायनी मन्दिर परिसर घूम कर हम लोगो को बहुत अच्छा लगा और अपने को शौभाग्यशाली समझावैसे हम लोग मंदिर परिसर में एक जगह आश्रम में एक शादी में आगरा से बारात के साथ आये थे पर ये मंदिर का दर्शन हम लोगो के दुगनी ख़ुशी के बराबर हो गया था

अब आप लोगदेखिये इस यात्रा के चित्र जो नीचे दिए गये है →

यमुना एक्सप्रेसवे  (Agra - Greater Noida Yamuna Expressway )

यमुना एक्सप्रेसवे  (Agra - Greater Noida Yamuna Expressway )

यमुना एक्सप्रेसवे पर एक खानपान स्थल  (A Canteen at Agra - Greater Noida Yamuna Expressway )

श्री आध्य माँ कात्यायनी देवी मंदिर (Maa Katyayani Devi Temple,  Chhatarpur, Delhi)

श्री आध्य माँ कात्यायनी देवी मंदिर (Maa Katyayani Devi Temple,  Chhatarpur, Delhi)

श्री आध्य माँ कात्यायनी देवी मंदिर (Maa Katyayani Devi Temple,  Chhatarpur, Delhi)


श्री राम दरबार

पीतल का बड़ा शेर

पंचमुखी हनुमान जी

माँ चांदी का सिहासन और शयन कक्ष

माँ काडाइनिंग टेबिल

रात के समय श्री आध्य माँ कात्यायनी देवी मंदिर (Maa Katyayani Devi Temple,  Chhatarpur, Delhi)

"शिव गौरी नागेश्वर मंदिर"

"शिव गौरी नागेश्वर मंदिर"

ये वो बड़ा दरबाजा और ताला

हनुमान जी बड़ी प्रतिमा

हनुमान जी बड़ी प्रतिमा

छतरपुर में स्थानीय लोगो एक दूकान जिसमेपत्थर का सामन बिक रहा था 

इसी के साथ कत्यानी देवी मंदिर , छतरपुर, दिल्ली का लेख यही समाप्त होता है ।आप लोगो यह लेख अवश्य पसंद आया होगा, जल्द ही मिलते है,  तब तक के लिए आपका सभी का दिल से धन्यवाद  !

जय माँ कत्यायनी देवी जी की

#safarhaisuhana #Katyanidevi #Delhi #Chhatarpur

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7 comments:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की दिनांक 04/04/2019 की बुलेटिन, " चल यार धक्का मार , बंद है मोटर कार - ब्लॉग बुलेटिन “ , में आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

    ReplyDelete
  2. जय माता दी ।
    बढिया दर्शन करा दिये आपने।

    ReplyDelete
    Replies
    1. जय माता दी.....
      धन्यवाद सचिन भाई जी पोस्ट पढ़ने के लिए ...

      Delete
  3. बढिया दर्शन करा दिये घर बैठे ही रितेश जी आपने...जय माता दी

    ReplyDelete

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