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Wednesday, December 23, 2015

प्रकृति से मुलाकात - दार्जीलिंग नगर की सैर में (Tiger Hill of Darjeeling, West Bengal)

Written by → Ritesh Gupta 
यात्रा दिनांक 26जून2014 और  27जून2014 

दार्जीलिंग (Darjeeling) ठंडक और शीतलता अहसास; शांति का अनुभव ! प्रकृति से  मुलाकात । हम लोग इस नगर में भ्रमण करते हुए यही सब महसूस कर रहे थे । इस नगर की आवोहवा और प्राकृतिक सुन्दरता अपने आप में ही निराली है तभी तो पर्वतीय नगर दार्जिलिंग के किसी भी कोने से दिखने वाला नजारा अपने आप में अनुपम होता है, साथ ही साथ मस्तिष्क पटल पर एक अमिट छाप छोड़ देता है । देर न करते हुए, अब आपको भी ले चलते दार्जीलिंग से कंचनजंघा पर्वत के दर्शन के साथ शहर के कुछ और स्थानीय स्थलों की सैर पर -

Mount Kanchenjunga from Tiger Hill (कंचनजंघा पर्वत का नजारा टाइगर हिल से )

Wednesday, October 28, 2015

पर्वतीय नगर दार्जीलिंग की सैर (Sight Seen of Darjeeling Hill Station, West Bengal)

Written by → Ritesh Gupta 
यात्रा दिनांक 26जून2014
दार्जीलिंग (Darjeeling) एक विश्व विख्यात पर्वतीय नगर जो हमारे देश के पश्चिम बंगाल राज्य के उत्तरी दिशा में और सिक्किम राज्य की ठीक सीमा के नीचे पर्वतराज कंचनजंघा के साये में बसा हुआ है । जिसे प्रकृति ने हमे खुले हाथो से भरपूर प्राकृतिक संसाधनो से सजाया-संवारा है, यहाँ के  मनोरम प्राकृतिक वातावरण और शीतल जलवायू के कारण हजारो की संख्या में पर्यटक स्वयं खिंचे चले आते है । पिछले पोस्ट में आपने पढ़ा के हम लोग गंगटोक, सिक्किम से टैक्सी के माध्यम दार्जीलिंग पहुँच गये । चलिए अब आपको भी ले चलते है, पश्चिम बंगाल के महत्वपूर्ण स्थल दार्जिलिंग की स्थानीय स्थलों की यात्रा पर -
A beautiful temple seen from Darjeeling station (स्टेशन से नजर आता एक मंदिर )

Monday, September 28, 2015

गंगटोक से दार्जिलिंग का सफ़र (Travel to Darjeeling, West Bengal )

Written by → Ritesh Gupta 
यात्रा दिनांक 26जून2014
पिछले दिन हम लोगो बाबा हरभजन सिंह जी के मंदिर और सोमगो लेक यात्रा पर गये थे, जिसे आपने मेरे ब्लॉग के पिछले लेख में पढ़ा होगा । इस यात्रा से लौट के आने के बाद हमारे पास शाम का समय बचा हुआ था सो हमने अपनी उसी टैक्सी के ड्राइवर से पूछा था कि आज केविल कार (उड़नखटोले ) की सैर कर सकते है क्या ? उसने कहा कि आज नहीं कर सकते क्योकि आज राज्य की विधान सभा लगी हुई है और केविल कार से विधान सभा भवन के पास ही जाती है सो सुरक्षा कि द्रष्टि से आज केविल कार बंद है । केविल कार में सफर का यह हमारा मौका हाथ से गया अब सोचा की अगली बार कर लेगे चलिए अब आप लिए प्रस्तुत है, सिक्किम से पश्चिम बंगाल के महत्वपूर्ण स्थल दार्जिलिंग कि यात्रा का वर्णन  -
दार्जीलिंग का रेलवे स्टेशन  (Darjeeling Railway Station, Darjeeling, W.B. )

Tuesday, August 11, 2015

छंगू झील का सफ़र, सिक्किम - Tsomgo Lake (Travel to East Sikkim, Gangtok)

Written by → Ritesh Gupta 
यात्रा दिनांक 25जून2014
गंगटोक, सिक्किम यात्रा का दूसरा दिन हमारे लिए बहुत ही खास और उत्साहजनक था, क्योकि इस दिन हम लोग सिक्किम के पूर्वी भाग की यात्रा पर थे । बड़े श्रद्धाभाव से बाबा हरभजनसिंह के मंदिर की यात्रा की और दर्शन कर हम लोग वापिस उस गंगटोक जाने वाले रास्ते पर आ गये और अपनी नई मंजिल छंगू झील (Tsomgo Lake) की यात्रा पर चल दिए  । अब प्रस्तुत है, सिक्किम की इस सबसे खूबसूरत, बड़ी झील के यात्रा का वर्णन  -
 
छंगु झील का एक द्रश्य प्राथर्ना चक्रो के बीच से (Changgu Lake - Tsomgo Lake, East Sikkim, Gangtok )

Thursday, July 23, 2015

MANALI → MOST POPULAR HILL STATION OF INDIA (Information Guide)

Written by Ritesh Gupta


Himachal Pradesh : A Paradise of North India 

Himachal Pradesh is most valuable state of India nation, it is the eighteen state of India which has made in 25-June-1971. Its capital of “Shimla” is the well know beautiful Hill Station on India. Total Area of state is 55,673 SQM. The Mountain kingdom of the Gods. Himachal Pradesh has been referred to as “Dev Bhoomi” (देव भूमि) , The land of the Gods in ancient Scriptures. It is blessed by grant natural beauty, spiritual calm, lush green valleys, lofty snow-clad peaks and rivers roaring thought gorges of flowing gracefully in the valley and dense forest of Deodar, Pine and oak.

Manali to Rohtang - NH 21

Thursday, June 18, 2015

बाबा हरभजनसिंह मंदिर, सिक्किम -Baba Harbhajan Singh Temple (Travel to East Sikkim, Gangtok)

Written by → Ritesh Gupta
यात्रा दिनांक 25जून2014
गंगटोक, सिक्किम यात्रा का पहला दिन हमारे लिए बहुत ही खास और अभूतपूर्व अनुभव वाला रहा । यहाँ पर आकर हमे सिक्किम के बारे बहुत कुछ जानने को मिला । पिछले लेख में अब तक आपने पढ़ा कि हम लोगो ने जितना हो सकता था, उतना एक दिन में स्थानीय स्थलों में अपने यात्रा में शामिल कर उन स्थलों का भ्रमण किया । अब प्रस्तुत है, पूर्व दिशा के सिक्किम की यात्रा का  वर्णन  -   

एम.जी.बाजार से खाना खाने के बाद अपने होटल के कमरे में लौटे ही थे कि तभी होटल का एक कर्मचारी हमारे पास आया और बोला कल आपका कहाँ जाने का कार्यक्रम है ? हमने कहा कि इंडो-चाइना बॉर्डर- नाथुला पास, बाबा हरभजनसिंह मंदिर और छंगू झील जाना है। उसने कहा की कल तो नाथुला पास जाना आप लोगो के लिए संभव नहीं है, क्योकि सोमवार और मंगलवार नाथुला पास आम लोगो के लिए बंद रहता है और कल का दिन मंगलवार हैं ।
सिक्किम में आस्था-विश्वास का मंदिर -  बाबा हरभजन सिंह जी का मंदिर (Baba Harbhajan Singh Temple Campus)

Thursday, May 14, 2015

गंगटोक शहर के स्थानीय स्थलों का भ्रमण, सिक्किम (Sight Seen to Gangtok City, Sikkim)

Written by → Ritesh Gupta 
दिनांक 24जून2014
पिछले लेख में अब तक आपने पढ़ा कि गंगटोक पहुँचने के बाद हमने एक होटल में कुछ कमरे लिए और उसके बाद छोटी टैक्सिया किराए पर लेकर गंगटोक नगर का भ्रमण करने निकल पड़े। हम लोग नमग्याल तिब्बतोलोजी संस्थान (Namgyal Institute of Tibetology), दो-द्रुल-चोर्टेन स्तूप (Do-Drul-Chorten Stupa) और सेल्स एम्पोरियम (Sales Emporium, Gangtok Handicraft Center) का अवलोकन कर चुके थे । अब प्रस्तुत है कुछ और नये स्थलों के साथ आगे का यात्रा वर्णन -

गंगटोक शहर की आवोहवा यहाँ की वनस्पति, पेड़ और फूलो के पौधों के पूर्णत उपयुक्त है । गंगटोक नगर की गलियों या सड़को से गुजरते हुए सफाई तो मिलती ही है, साथ ही साथ होटलों और घरो के बाहर सजावट के लिए बड़ी संख्या में गमले लगाकर एक छोटे से बगीचे का रूप दे दिया जाता है। इन गमलो में लगे कई किस्म के विविध रंगों के सुन्दर पुष्प और पौधे अनायास ही आकर्षित करते नजर आ जाते है ।
रिज पार्क में नारंगी रंग का एक सुन्दर पुष्प (Double Lilium - Orange Color's shade Flower at Ridge Park, Gangtok)

Thursday, April 16, 2015

Shimla - Information About Queen of Hill, Himachal Pradesh ( शिमला )

 Written by → Ritesh Gupta
Shimla ( शिमला ) is a wonderful hill station of India, Shimla is a paradise for Honeymooner Couples. Each year a large number of tourists come to visit in Shimla for see the beauty of Mountains, Green Valley and spend a few moments in peace.

शिमला एक ऐसा नाम जिसे सुनकर ही एक ताजगी  और ठंडक का अहसास हो जाता है शिमला देव भूमि हिमाचल प्रदेश राज्य का बेहद खूबसूरत पर्वतीय नगर जो अपनी सुन्दरता के लिए विश्वविख्यात है। हिमालय की पर्वतमाला में स्थित इस नगर को पहाड़ो के रानी भी कहा जाता है । शिमला हिमाचल प्रदेश की राजधानी होने कारण यह प्रदेश का सबसे बड़ा नगर है और यह देश से हवाई मार्ग, रेलमार्ग और सड़क मार्ग से भलीभाती जुड़ा हुआ है । शिमला मुख्यतह अंग्रेजो के राज्य में बसाया गया एक नगर है जो उस समय उनकी राजधानी भी हुआ करती थी
Breath Taking & Panoramic View from Shimla, Himachal Pradesh (शिमला की पहाड़ियों का मन भावन नज़ारा )

Monday, March 30, 2015

एक नजर, गंगटोक शहर, सिक्किम (Sight Seen to Gangtok City, Sikkim)

Written by → Ritesh Gupta 
यात्रा दिनांक 23जून2014
पिछले लेख में अब तक आपने पढ़ा कि सिलीगुड़ी के स्टेशन न्यू-जलपाईगुड़ी से एक टैक्सी के माध्यम से हम लोग गंगटोक शहर पहुँच गये थे । अब इससे आगे का यात्रा वर्णन -

कंचनजंघा पर्वत श्रेणी के साए बसा गंगटोक शहर (स्थानीय नाम - गांतोक) सिक्किम राज्य की राजधानी होने साथ-साथ उत्तर-पूर्वी राज्यों का एक मुख्य पर्यटक स्थल भी है। यह सिक्किम का सबसे बड़ा शहर और मुख्यालय है, यहाँ पर कई मंजिला ईमारतो और नगर व्यवस्था को देखकर सहज विश्वास नहीं होता की यह एक पहाड़ी नगर है। शहर में पैदल चलने वालो के लिए सड़क किनारे लोहे की जाली लगा एक पैदलमार्ग का निर्माण किया गया है। शहर की पुलिस व्यवस्था, सड़क यातायात दुरुस्त है और यहाँ के नियम-कानून सख्ती से पालन किये जाते है । हिमालय श्रंखला में गंगटोक समुन्द्रतल से 1650 मीटर (5410 फीट) की ऊंचाई पर बसा होने का कारण यहाँ का मौसम हमेशा सुहावना बना रहता है । मुख्य पर्यटक स्थल होने के कारण यहाँ पर छोटे-बड़े होटलों की भरमार है, वैसे शहर के मध्य एम.जी. मार्ग (M.G. Marg) या लाल बाजार के पास काफी अच्छे होटल मिल जाते है ।
होटल के कमरे से नजर आता घाटी का द्रश्य , गंगटोक (View from Hotel Room, Gangtok)

Saturday, February 14, 2015

न्यू-जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी से गंगटोक का सफ़र (New Jalpaiguri, Siliguri to Gangtok, Sikkim)

Written by → Ritesh Gupta 
यात्रा दिनांक 23जून2014
पिछले लेख में आपने पढ़ा । अपने इस सफ़र की शुरूआत और भारतीय रेल के माध्यम से कुछ कठिनाइयो का सामना करते हुए आगरा शहर से सिलीगुड़ी के स्टेशन न्यू-जलपाईगुड़ी की यात्रा के बारे।  इस श्रंखला को अग्रसर करते हुए आपके समक्ष प्रस्तुत करते है, इस श्रंखला दूसरा लेख न्यू-जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) से सिक्किम राज्य की राजधानी गंगटोक शहर की यात्रा के बारे में है ।

रात के दो बजे नई-जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पर कोई अधिक चहलपहल नहीं थी, चारो तरफ शांत वातावरण । ऐसा लग रहा था की कुछ दो-तीन घंटे पहले यहाँ पर तेज बारिश हुई होगी,  इस कारण से यहाँ का मौसम ठंडा और स्टेशन बिल्कुल साफ-सुधरा था । देर रात का समय होने के कारण लोग-बाग जहाँ की तहां स्टेशन पर अपनी ट्रेन आने की प्रतीक्षा में आराम कर रहे थे। ट्रेन से उतरने के बाद अपना सारा सामान समेट कर हम लोग सीधे स्टेशन से बाहर की तरफ जाने वाले अपरगामी सेतु (Over Bridge) पर पहुँच गये, यहाँ का अपरगामी सेतु भी साफ सुधरा और काफी चौड़ा था । अपरगामी सेतु  पर एक तरफ चादर बिछाकर और सामान एक तरफ लगा दिया । कुछ देर यही पर आराम किया और एक-एक करके नीचे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर जाकर तरोताजा हुए ।

Gangtok (Sikkim) City near Lal Bazar (NH31A) (सुबह के समय गंगटोक शहर, लाल बाजार, डेन्जोंन सिनेमा के पास )

Wednesday, January 28, 2015

रेलयात्रा → आगरा से न्यू-जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी (Train Journey Agra to New Jalpaiguri,West Bengal)

Written by → Ritesh Gupta 
यात्रा दिनांक 21जून2014 से दिनांक 23जून2014
सिक्किम, हमारे देश का एक छोटा राज्य जो भारत के उत्तरी-पूर्व दिशा में स्थित है, इस राज्य की राजधानी है गंगटोक, जो की एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है । इस राज्य की सीमा का पास पश्चिम बंगाल की उत्तर दिशा स्थित है, भारत का मुख्य और विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल दार्जिलिंग, जिसे वहां के लोगो ने प.बंगाल में न होकर एक अलग राज्य के रूप में गोरखालैंड नाम से सम्बोधित करते है । सौभाग्य से मुझे इन दोनों जगह का भ्रमण का मौका मिला । इसी यात्रा के सम्बन्ध में शुरुआत करते है एक नये यात्रा लेख श्रंखला की और प्रस्तुत है इस श्रंखला का पहला लेख जो आनंदविहार, आगरा, टूंडला से जलपाईगुड़ी तक के बारे में है ।

इस बार गर्मी के मौसम में घूमने जाने के लिए हम लोगो के मन में कई विकल्प थे- जैसे जम्मू-श्रीनगर, डलहौजी-चंबा-धर्मशाला और गंगटोक-दार्जिलिंग । हम लोगो ने आपस में सलाह कर; एक सहमती बनी गंगटोक और दार्जिलिंग की यात्रा पर । इस बार इस यात्रा में साथ जाने के लिए मेरा परिवार और मेरे दो छोटे भाइयो के परिवार शामिल हुए जो कि दिल्ली एन.सी.आर. में निवास कर रहे है और साथ में एक चचेरा भाई (जो छपरा बिहार में रहते है ) का परिवार और उनके दोस्त का परिवार भी शामिल हो गया । इन लोगो ने छपरा से ही सिलीगुड़ी के लिए बस के टिकिट का अग्रिम आरक्षण करा लिया था । इस तरह से हमारी इस यात्रा के लिए काफी सदस्यों वाली एक लम्बी टीम बन गयी ।
आधी रात के समय न्यू-जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन (New Jalpaiguri Railway station at Mid Night)
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